आसनसोल: हिंदीभाषियों के साथ भेदभाव और ‘बाहरी’ राजनीति को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेता एवं आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो सांसदों पर निशाना साधते हुए ट्विटर पर एक तीखा हमला बोला है।
🔴 TMC पर ‘बाहरी’ नेताओं को लाने का आरोप

भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने ट्वीट करते हुए TMC सांसद शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल) और कीर्ति आज़ाद (दुर्गापुर) को बाहरी करार दिया। उन्होंने ट्वीट में लिखा—
“दो बाहरी बिहारी जिन्हें टीएमसी ने आसनसोल-दुर्गापुर पर शासन करने के लिए इम्पोर्ट किया है:
1️⃣ शत्रुघ्न सिन्हा
2️⃣ कीर्ति आज़ाद
लेकिन वे हिंदी और उर्दू बोलने वाले बंगाल के बेटों को ‘बाहरी’ (Bahiragato) कहते हैं।”
इस ट्वीट के बाद राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया।

📌 क्या है ‘बाहरी’ विवाद?
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘बाहरी’ शब्द का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ किया था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि भाजपा बंगाल में बाहरी नेताओं को लाकर चुनाव लड़ रही है।
अब भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने पलटवार करते हुए टीएमसी पर उसी शब्द का इस्तेमाल किया और आरोप लगाया कि TMC खुद बिहार के दो नेताओं को लाकर बंगाल पर शासन करवा रही है।

🔥 भाजपा बनाम TMC – बयानबाजी तेज़!
- भाजपा के अन्य नेताओं ने भी तिवारी के इस बयान का समर्थन किया और TMC पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
- TMC नेताओं ने इस बयान को ‘नफ़रत फैलाने वाला’ करार देते हुए भाजपा पर बंगाल को बांटने का आरोप लगाया।
- राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान आगामी लोकसभा चुनावों से पहले बड़ा मुद्दा बन सकता है।
⚡ अब आगे क्या?
- TMC का जवाबी हमला: पार्टी के बड़े नेता इस पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
- भाजपा का प्रचार तेज़: भाजपा इस मुद्दे को और उछाल सकती है।
- हिंदीभाषियों की भूमिका: क्या वे इस बयान से प्रभावित होंगे?













