कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की अभ्या की जयंती पर भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल की तीन बहनों को सम्मानित किया। ये बहनें सुचिता चटर्जी, रंजीता चटर्जी और सुपीता चटर्जी हैं, जिन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपने माता-पिता की सलाह पर तायक्वांडो का प्रशिक्षण लिया और आज राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक विजेता बनकर देशभर में प्रेरणा बनीं।

लॉकडाउन में शुरू किया प्रशिक्षण
2020 में जब पूरा देश कोरोना के कारण लॉकडाउन में था, तब इन तीनों बहनों के पिता बामा प्रसाद चटर्जी और मां सुनेत्रा चटर्जी ने उन्हें फिट रहने के लिए तायक्वांडो सीखने की सलाह दी। घर पर ही सुभो गांगुली नामक प्रशिक्षक ने उन्हें तायक्वांडो सिखाना शुरू किया। लॉकडाउन समाप्त होते ही तीनों ने जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया और जीत दर्ज की।
इसके बाद उन्होंने राज्य और फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।

प्रतिभा बनी देश की प्रेरणा
सम्मान समारोह में सुचिता चटर्जी ने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हम यहां तक पहुंचेंगे। हमारे माता-पिता और प्रशिक्षक ने हमें यहां तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हर लड़की को आत्मरक्षा के लिए तायक्वांडो जैसे गुर जरूर सीखने चाहिए।”

अभ्या की जयंती पर सम्मान
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में घटी अभ्या रेप और हत्या की घटना को याद करते हुए सुचिता ने कहा, “देश की हर बेटी अभ्या है और हर एक अभ्या को आत्मरक्षा के लिए काली और दुर्गा रूपी बनना चाहिए।”

भाजपा विधायक ने व्यक्त किया गर्व
सम्मान समारोह के दौरान भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “इन तीन बहनों की प्रतिभा और आत्मविश्वास हर युवती के लिए प्रेरणास्रोत है। मैं हर बेटी से आग्रह करती हूं कि वे अपनी छिपी प्रतिभा को जागृत करें और काली व दुर्गा का रूप धारण करें।”










