नई दिल्ली: भारत में Human Metapneumovirus (HMPV) वायरस के तीन मामले सामने आए हैं, जिससे सोशल मीडिया पर #Lockdown ट्रेंड कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्थिति पर करीबी नजर रखने और WHO के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने की जानकारी दी है।
भारत में HMPV के अब तक के मामले:
- बेंगलुरु: 3 महीने की बच्ची और 8 महीने का बच्चा संक्रमित, अस्पताल से डिस्चार्ज।
- अहमदाबाद: एक संदिग्ध मामला सामने आया।
- कोलकाता: 5 महीने का बच्चा वायरस से संक्रमित, निजी अस्पताल में इलाज जारी।
- चेन्नई: दो और बच्चों में वायरस की पुष्टि।
क्या है HMPV वायरस?
HMPV एक सांस से संबंधित संक्रमण है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसके सामान्य लक्षण खांसी, बुखार, नाक बहना, गले में खराश, घरघराहट, सांस लेने में तकलीफ और शरीर पर चकत्ते हो सकते हैं।
सरकार और विशेषज्ञों की राय
- कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडु राव ने कहा कि वायरस नया नहीं है, लेकिन चीन में इसका नया स्ट्रेन हो सकता है।
- दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से त्वरित कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि “हमें COVID से सबक लेकर स्थिति को शुरुआती स्तर पर ही संभालना चाहिए।”
- डॉ. लांसलॉट पिंटो (PD हिंदुजा अस्पताल) ने बताया कि भारत में HMPV वायरस नया नहीं है, लेकिन इसकी जांच महंगी होने के कारण कम ही होती है।
चीन में आपातकाल घोषित!
चीन में HMPV, इन्फ्लुएंजा A, माइकोप्लाज्मा निमोनिया और COVID-19 का तेजी से प्रसार हो रहा है, जिससे अस्पताल और शवगृह भारी दबाव में हैं। चीन ने इस महामारी को देखते हुए आपातकाल घोषित कर दिया है।
भारत में रोकथाम के उपाय
- छींकते/खांसते समय मुंह और नाक ढकें।
- बार-बार हाथ धोएं और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें।
- बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सरकार की तैयारियां
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने इस वायरस को लेकर एडवाइजरी जारी की है। वहीं, केंद्र सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और WHO के साथ संपर्क में है।










