आसनसोल (तेतुलिया): सेरगढ़ कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज द्वारा 125वें श्री श्री हरिनाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित प्रभात फेरी में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भक्तजन हाथों में झंडे और कीर्तन यंत्र लेकर हरे राम, हरे कृष्ण के जयकारों के साथ नगर भ्रमण पर निकले। पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से भर उठा।

धार्मिक आस्था का अद्भुत नज़ारा:
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन करते हुए भक्ति भाव में लीन नजर आए। हर कोने से जयकारों की गूंज सुनाई दी। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं ने भी पूरे जोश के साथ संकीर्तन में भाग लिया।

आध्यात्मिक चेतना बढ़ाने का उद्देश्य:
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाना और धार्मिक एकता का संदेश देना था। भक्तों का मानना है कि हरिनाम संकीर्तन से समाज में शांति, समृद्धि और सौहार्द का संचार होता है।

धार्मिक प्रवचन और भंडारे का आयोजन:
कार्यक्रम के दौरान कई धार्मिक प्रवचन भी हुए, जिनमें संतों ने भक्ति और अध्यात्म के महत्व पर प्रकाश डाला। हरिनाम संकीर्तन के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे हर वर्ष आयोजित करने की इच्छा जताई।

समाज और श्रद्धालुओं का विशेष योगदान:
इस सफल आयोजन में समाज के वरिष्ठ सदस्यों, स्थानीय श्रद्धालुओं और आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। सेरगढ़ कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज ने इसे एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

आगामी योजना:
आयोजन समिति ने घोषणा की है कि भविष्य में हरिनाम संकीर्तन को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें आस-पास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जाएगा।










